Hello दोस्तों Hindi Read में आप सभी का स्वागत है| आज हम आपको कहानी के माध्यम से एक सीख देना चाहते है| जो इस हिंदी कहानी का शीर्षक भी है| ” सुनो सब की करो अपनी “ इस सीख को आप कहानी के माध्यम से समझ सकते है की हम ऐसी सीख आपको क्यों दे रहे है |

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किसान और गधा-सुनो सबकी करो अपनी | hindi kahaniya (प्रेरणादायक कहानी )

एक समय की बात है | एक गाव में एक किसान रहता था| उसके साथ उसका बेटा भी रहता था जिसे वह बहुत ही अच्छा मानता था| एक दिन उसके बेटे ने जिद करी की वह मेले देखने जाना चाहता है| लेकिन मेला गाव से बहुत दूर लगता था | इस कारण किसान ने अपने बेटे को मना कर दिया लेकिन जब उसके बेटे ने मेले जाने की जिद बार बार की तो किसान मान गया और वह अपने बेटे को मेले में ले जाने के लिए तैयारी करने लगा |

अब जब सब तैयारी हो गयी तो वह अपने बेटे के साथ मेले जाने के लिए रवाना हो गया | किसान अपने साथ अपना गधा भी ले गया यह सोच कर की मेला बहुत दूर है यदि आते वक़्त कुछ सामान लाना पड़ा तो वह इसमें सामान को रख कर ला लेगा| ऐसा सोच कर किसान ने बेटे से कहा की जाओ गधे को पकड़ लो, ये भी हमारे साथ चलेगा|

किसान का बेटा गधे को पकड़ कर आगे आगे चलने लगा और किसान गधे के पीछे पीछे| जब वह ऐसा करते हुए कुछ दूर पे आये तो वहा खड़े लोग उन पर जोर जोर से हँसने लगे और साथ ही आपस में कहने लगे-” देखो देखो कैसे मुर्ख लोग है| गधा साथ है लेकिन ये दोनों में से कोई भी उसपर नहीं बैठे है|”  जब किसान ने यह सब सुना तो उसने सोचा ! ये सब लोग सच ही तो कह रहे है | यदि मेरे पास एक गधा है तो क्यों न हम में से एक उस पर बैठ कर चले जाये|

ऐसा सोच कर किसान ने अपने बेटे को गधे पर बैठा दिया और वह पैदल पैदल उस गधे को पकड़ कर मेले की तरफ जाने लगा| वह मेले के समीप ही पहुचे थे की मेले से आते कुछ बुजुर्ग लोगो ने उन्हें देखा और कहने लेगा -“देखो देखो कैसा समय आ गया है जहा बेटा तो गधे पर सवार है लेकिन बेचारा बाप तो पैदल चल रहा है|” ऐसा कह कर बुजुर्ग लोग वहा से आगे चले गए |

लेकिन बुजुर्गो की बातो ने बेटे को बहुत दुखी किया और वह तुरंत ही गधे से उतर गया|और अपने पिता से आग्रह करने लगा की आप इस गधे पर सवार हो जाओ | किसान मान गया लेकिन तभी वह मेले तक पहुच गये थे | किसान ने अपने बेटे से कहा -“बेटा अभी तो हम मेले में पहुच गये है | लेकिन जब हम वापस जायेंगे तो तब में इस गधे पर सवार हो जाउगा” ऐसा सुन बेटा प्रसन हो गया और अपने पिता के साथ मेले का आनंद लेने लगा|

जब वह घर लौटने लगे तो तो किसान के बेटे ने कहा -“पिता जी आप इस गधे पर सवार हो जाए, इससे आप को बहुत आराम मिलेगा” यह सुन किसान गधे पर सवार हो गया और उसका बेटा गधे को पकड़ कर घर को आने लगा |

वह कुछ दूर ही पहुचे थे की सामने से आ रही औरतो ने यह सब देख आपस में कहने लगी -“देखो देखो कैसा कठोर बाप है अपना गधे पर सवार है लेकिन बेटे को पैदल चला रहा है अगर ये एक अच्छा बाप होता तो अपने साथ अपने बेटे को भी अपने साथ बैठाता” ये सब कह औरते वह से चले गयी |

औरतो की बाते सुन कर किसान ने अपने बेटे को भी अपने साथ ही गधे में बैठा दिया|  और वह धीरे धीरे अपने घर की और छोटे बाजार वाले मार्ग से जाने लगे| कुछ समय बाद वह छोटे बाजार में पहुच गए| जब वह वहा से गुजर रहे थे तो बाजार में उपस्थित सभी लोग उन्ही को घुर घुर के देख रहे थे| उतने में सामने से एक आदमी आया और उसने किसान से कहा-“आपको इस गधे पर बिलकुल भी दया नहीं आती है| जरा इस गधे की हालत तो देखो मानो जैसे ये पूरा थक गया हो| और तुम अपने बेटे के साथ साथ खुद भी इस बेचारे गधे पर सवार हो| इस पर थोड़ी दया दिखाओ और इसे थोडा आराम दो”

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यह सब कुछ सुन किसान ने अपने बेटे से कहा-“सच में ये हम दोनों का बोझ से बहुत थक गया होगा| अब हमे इसे आराम देना चाहीए|” यह कह किसान और उसका बेटा गधे से उतर गए| और किसान ने सोच गधा बहुत थक गया है क्यों न हम दोनों इसे उठाकर चलते है इससे इन लोगो की बाते भी पूरी हो जाएगी, और साथ साथ गधे को भी आराम मिल जायेगा|

फिर किसान ने पास पर पड़ी एक मोटी लकड़ी से गधे के टांगो को बांध दिया| और वो और उसका बेटा उस लकड़ी को अपने कंधो में उठाकर घर की और जाने लगे| रास्ते में एक नदी पड़ती थी जब किसान अपने बेटे के साथ उस नदी को पार करने लगा तो लकड़ी टूट गयी और गधा पानी में गिर कर डूब गया|

ये सब देख किसान बहुत दुखी हुआ और बिना अपने गधे के वह घर लौट आया| और विचार करने लगा -“मैंने सभी लोगो की बाते सुनी और वही किया जैसा उन लोगो ने कहा लेकिन सब कुछ करने के बाद भी उल्टा मैंने अपना गधा खोया|”

सीख:- सुनो सब की लेकिन करो अपनी |

(कहानी से क्या सिख मिली:- इस कहानी से हमे यह सीख मिलती है की व्यक्ति को सुननी सबकी चाहिए लेकिन करना तभी चाहिए जब वह उचित हो | किसी की भी बात मान कर बिना अच्छे से सोचे समझे कुछ भी कर देना हमेसा पछतावे का कारण बनता है|)

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