कान में दर्द – Ear Pain in Hindi

हेल्लो दोस्तों, आशा करता हू आप सभी लोग स्वस्थ और अच्छे होंगे| आज हम बात करने वाले है कान में होने वाले दर्द के बारे मे, आंखिर कान में दर्द या कान का दर्द होता क्यों है और हम कैसे कान का दर्द ठीक कर सकते है| यह एक ऐसा दर्द होता है, जो कान के अंदरूनी हिस्से में होता है जिसमे हम कुछ भी करने के लिए असमर्थ हो जाते है। तो चलिए शुरू करते है,

दोस्तों ज्यादातर कान के दर्द का कारण , कान के मध्य भाग में सूजन या संक्रमण होता है। आप लोगो में गौर किया होगा की कान दर्द ज्यादातर बच्चों में देखा जाता है, लेकिन बड़ते हुए प्रदुषण और रसायनों का उपयोग से ये समस्या वयस्कों में भी विकसित हो सकती हैं। कान में दर्द , वैसे तो कोई गंभीर समस्या या बीमारी का संकेत नहीं देती , लेकिन कान का दर्द काफी पीड़ादायक हो सकता है।

कान का दर्द आप आम तौर पर कान के अन्दुरुनी हिस्से में महसूस करते होंगे जो की तेज, मध्यम या कान में जलन जैसा महसूस कराता है| कान का दर्द निरंतर या बीच-बीच में आता जाता रहता है|

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कान दर्द का इलाज (Kaan dard ka desi ilaj)

जैतून का तेल (Olive oil) : जैतून का तेल कान के दर्द में जल्द राहत दिला सकता हैं। अगर आपको अपने कान में गूंज की अनुभूति होती हैं तो यह तेल उससे भी आपको छुटकारा दिला सकता हैं। 3-4 बूँदें जैतून की तेल की कान में डालें और फिर रुई लगा लें। इसी तरह से आप सरसों के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्याज (Onion) : प्याज में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक तत्व होते हैं जो कान के दर्द को सही करने में बहुत कारगर हैं। आप 2-3 प्याज लें उसका रस अपने कान में डालें 10 मिनट के लिए आपको कान के दर्द में जरुर आराम मिलेगा।

गरम पानी की बोतल (Hot bottle) : गरम पानी की बोतल कान के दर्द में बहुत असरदार हैं। एक गरम पानी की बोतल लें और उसे कान में जहाँ दर्द हैं वहां लगायें निश्चय ही आपको आराम मिलेगा।

हेयर ड्रायर (Hair dryer) : कान को कभी भी नहाने के बाद तौलिए से ना पोछें उसे हेयर ड्रायर से उसकी नमी को सुखाएं।

नमक (Salt) : नमक हर घर में उपलब्ध होता हैं नमक लें उसको माइक्रोवेव में 5 मिनट ले लिए गरम करें फिर कपडे में बाँध लें। कपडे में बाँध के उसे कान में रखें। इससे जो गर्मी निकलेगी वह आपके कान के दर्द के उपचार में बहुत सहायक हैं।

लहसुन (Garlic) : लहसुन में दर्दनाशक (analgesic) तथा एंटीबायोटिक (antibiotic) गुण होते हैं जो कान के संक्रमण से पैदा हुए दर्द को कम करने में काफी सहायता करते हैं। तिल के तेल को गर्म करें और लहसुन को छोटे छोटे टुकड़ों में काटें। इसे ठंडा होने के बाद छान लें। लहसुन के इस तेल की दो से तीन बूंदों को अपने दर्द होते कान में डाल लें। एक और विकल्प के तौर पर आप लहसुन के कुछ फाहों का रस निकालकर भी अपने कान में डाल सकते हैं।

अदरक (Ginger) : अदरक में शक्तिशाली जलनरोधी गुण होते हैं जो कान के कई तरह के संक्रमणों की स्थिति में आपकी सुरक्षा करते हैं। यह काफी अच्छे दर्दनिवारक का भी कार्य करता है। अदरक का ताज़ा रस निकालकर अपने कानों में डालने से दर्द, जलन और सूजन से काफी राहत मिलती है।

बिशप वीड ऑइल (Bishop’s weed oil) : यह कान के दर्द को ठीक करने के सबसे प्राकृतिक उपाय है। बिशप वीड के तेल को तिल के तेल के साथ मिश्रित करें और इसे गर्म करें। इस मिश्रण की 4 से 5 बूँदें अपने कानों में डालें।

मुलैठी (Licorice) : मुलैठी एक बेहतरीन जड़ीबूटी है जिससे आपको कान के दर्द से राहत मिलती है। मुलैठी को शुद्ध मक्खन के साथ गर्म करके एक गाढा पेस्ट बनाएं। इस मिश्रण को अपने प्रभावित कान के बाहर तब तक लगाएं, जब तक कि आपके कान के दर्द में कोई सुधार नहीं आ जाता।

पुदीना (Peppermint) : पुदीने के पत्ते और तेल दोनों ही कान के दर्द को दूर करने में काफी असरदार साबित होते हैं। अपने दर्द हो रहे कान में पुदीने का ताज़ा रस डालें। वैकल्पिक तौर पर पुदीने के तेल का प्रयोग कान के आसपास करें। आप पुदीने के तेल का मिश्रण जैतून के तेल के साथ कर सकते हैं।

शलजम (Radish) : शलजम भी कानों का काफी बेहतरीन इलाज होता है। शलजम के ताज़े टुकड़ों को सरसों के तेल में गर्म करें। इसके बाद इसे ठंडा करके जमा कर लें। इस तेल की कुछ बूँदें अपने कान में डालें।

तुलसी (Basil) : तुलसी का प्रयोग कान के सामान्य दर्द और संक्रमणों का उपचार करने के लिए किया जाता है। यह कान के दर्द को ठीक करके संक्रमण को कम करने की क्षमता रखता है। तुलसी की ताज़ा पत्तियों को निचोड़कर इनसे रस निकालें। इस रस का प्रयोग कान के ऊपरी हिस्से या आसपास करें पर कान के अन्दर बिलकुल ना करें।