Hello दोस्तों Hindi Read में आप सभी का स्वागत है| आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति की Motivation real  life Story बताने वाले है| जिनका नाम है, Steve Jobs  (स्टीव जॉब्स) | ये दुनिया के सबसे प्रसिद्ध (world famous) मोबाइल कंपनी Apple (एप्पल) के Co-Founder व Next (जो की एक सॉफ्टवेर कंपनी है ) कंपनी के Founder है| इसके साथ साथ ये दुनिया की top animation Studio कंपनी walt disney animation के Board of Director सदस्य में से एक थे| ये एक ऐसे व्यक्ति है जिन्होंने कभी भी हार नहीं मानी|और ये हमेसा कुछ अलग करने पर जोर देते थे| इसी कारण इनका एक बहुत प्रसिद्ध नारा(Slogan) है  :- “Think Different” (अलग सोच)| इसी सोच के कारण इन्होने कंप्यूटर को एक नहीं पहचान दी |

Steve Jobs के जीवन का ये सफ़र कोई आसान सफ़र नहीं था यहाँ तक पहुचने के लिए स्टीव जॉब्स ने बहुत ही ज्यादा संघर्ष (struggle) किया है|आज हम आपको स्टीव जॉब्स की सफलता व उनके संघर्ष के बारे में विस्तार के बताएँगे|

स्टीव जॉब्स का परिचय :-

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पूरा नाम     -स्टीव पॉल जॉब्स (apple co founder)

जन्म           – 24 फ़रवरी 1955

मृत्यु            – 5 अक्टूबर 2011

जन्म स्थान  – सेन फ्रांसिस्को, कैलिफ़ोर्निया (अमेरिका)

माता-पिता  – पॉल व क्लारा जॉब्स |(जिन्होंने स्टीव को गोद लिया था)

पत्नी           -लोरेन पावेल

बच्चे           – लिसा ब्रेनन जॉब्स, आयलेंड सीएना जॉब्स, ईव जॉब्स, रीड जॉब्स

Steve jobs का बचपन (step jobs childhood story) 

Steve Jobs का पूरा नाम Steven Paul Jobs है| इनका जन्म सेन फ्रांसिस्को, कैलिफ़ोर्निया में 24 फरवरी 1955 को हुआ था| इनके पिता का नाम Paul Jobs व माता का नाम Clara Jobs था| वास्तव मे paul और clara jobs ने steve को उनकी जन्म देने वाले माँ से गोद लिया था| क्योकि जब उनका जन्म हुआ था तब steve के माता-पिता की सादी नहीं हुई थी इसी कारणवस उन्होंने steve को किसी और को देने का फैसला किया|

जब steve jobs, 5 वर्ष के थे तब उनके माता-पिता(paul व clara jobs) सेन फ्रांसिस्को से माउनटेंट व्यू में रहने के लिए shift हो गये| जहा उनके पिता mechanic व कारपेंटरी का काम करने लेगे | व उनकी माता clara jobs भी अकाउंटेंट की जॉब करने लगी| steve के पिता paul jobs ने उन्हें electronic की बेसिक जानकारी  व साथ साथ electronic में हाथो के कार्य का ज्ञान भी दे दिया|इसी कारण steve का मन बचपन से ही electronic उपकरणों में ही लगे रहता था| वे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खोलकर उनकी बारीकियो को समझते रहते थे|

Steve jobs की शिक्षा(Steve Jobs Education)

Steve Jobs ने प्रारंभिक शिक्षा Monta Loma Elementary School से की | व higher education उन्होंने Courthrino Jr. High और Homestead High school से प्राप्त की| हाई स्कूल की शिक्षा पूरी हो जाने के बाद सन 1972 में Steve Jobs Graduation करने के लिए Oregon चले गए| यहाँ उन्होंने Reed College में एडमिशन ले लिया| लेकिन Reed College एक बहुत expensive (महंगा) college था| जिस कारण Steve के माता -पिता को कॉलेज की fees देने में बहुत ही ज्यादा दिक्कत हो रही थी| Steve को ये सब सही नहीं लगा और उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया| कॉलेज छोड़ने के बाद Steve ने creative classes लेने शुरु कर दी जिस में वह calligraphy सीखते थे| ये calligraphy आगे चल कर उनके बहुत काम आई|

Steve Jobs का आध्यात्मिक जीवन 

Steve Jobs ने सन 1973 में Atari(computer game) में एक technician के रूप में काम किया|लेकिन कुछ समय बाद उनका मन यहाँ भी नहीं लगा| अब वो आध्यात्म की और आकर्षित होने लगे |और आध्यात्म की खोज में Steve Jobs सन 1974 के मध्य अपने कुछ Reed College के दोस्तों के साथ नीम करोली बाबा जी से (neem karoli baba) मिलने की इच्छा में  भारत (India) आ गये|लेकिन जब यह बाबा जी के आश्रम पहुचे तब इन्हें पता चला की नीम करोली बाबा जी की मृत्यु हो चुकी थी| इसके बाद Steve ने headingh babaji से मिलने का निश्चय किया|  Steve Jobs ने भारत में दिल्ली, उत्तरप्रदेश व हिमांचल प्रदेश आदि जगहों में बहुत समय बिताया| 7 महिनो की भारत की यात्रा के बाद Steve Jobs वापस america चले गये|वापस पहुच कर इन्होने पारंपरिक भारतीय वेशभूषा को पहनना शुरु कर दिया |

Steve Jobs का Business Work | Steve jobs motivational story

भारत से लौटने के बाद उन्होंने वापस Atari को join कर लिया और अपने माता-पिता के साथ रहने लगे| कुछ साल बाद Steve और उनके बचपन के स्कूल दोस्त Wozniak(Stephen Wozniak) ने मिलकर एक company की सुरूआत की जिसका नाम “Apple Computer Company” रखा| और यही से जन्म हुआ Apple कंपनी का |

Apple Company (Rising Apple company) और कैसे अपनी कंपनी से बाहर हुए Steve jobs

apple company की पहली नीव सन 1976 में Steve Jobs और Stephen Wozniak द्वारा रखी गयी थी| कंपनी को start करते समय इनके पास ज्यादा पैसा नहीं था तो इस कंपनी को Steve Jobs ने अपने पिता के गेराज से शुरु किया था | सुरुवात में ये केवल circuit board ही बना कर बेचते थे| लेकिन धीरे धीरे कर इन्होने कंप्यूटर को बनाने में focus करना शुरु कर दिया|इस प्रकार से इन्होने अपना खुद का पहला कंप्यूटर बना लिया जिसका नाम इन्होने Apple 1 रख दिया |इससे उनकी इस एप्पल कंपनी को कुछ पैसे मिल गए जिससे वह अपना आगे के कार्य को पूरा कर सके|

Stephen Wozniak ने Apple 2 को बनाने में पूरा focus कर दिया था| जिसका नतीजा ये निकला की Apple 2 जल्द ही तैयार हो गया | एप्पल 2 कंप्यूटर apple 1 के मुकाबले बहुत ही अच्छा था| जल्द ही Steve और Wozniak ने इसे बहुत से इन्वेस्टर को दिखाया| ताकि वह इस product को जल्दी से मार्किट में ला सके| इन्वेस्टरो ने इसमें उत्सुकता जताते हुए apple 2 पे इन्वेस्ट करना शुरु कर दिया| और इसे जल्द ही मार्किट में उतार भी दिया | मार्किट में आते ही apple 2 को लोगो ने बहुत पसंद किया| इसी के साथ company का विश्तार(growth) होने लगा | सन 1980 तक ये कंपनी दुनिया की जानी मानी कंपनियो की लिस्ट में सामिल हो गयी|अब इस कंपनी का बजट बहुत बड़ गया था और इसमें अब 4 हजार लोग काम कर रहे थे| जल्द ही apple company ने अपना तीसरा कंप्यूटर apple 3 लांच कर दिया |

एप्पल का ये तीसरा वर्शन (apple 3)लोगो को पसंद नहीं आया | जल्द ही apple कंपनी ने एक और कंप्यूटर लांच कर दिया जिसका नाम Steve ने अपनी बेटी लिसा के नाम पर रखा था | लिसा नाम का एप्पल ये कंप्यूटर भी मार्किट में अपने पहचान नहीं बना सका| लगातार दो असफलता हाथ लगने के बाद Steve ने अपना सारा focus और मेहनत Macintosh को तैयार करने में लगा दी| 1984 में इन्होने apple के लिसा वर्शन को Macintosh के साथ लांच किया| एप्पल के इस नए वर्शन को बहुत सफलता प्राप्त हुई|

लेकिन कुछ समय बाद ही मार्किट में और भी बहुत सी नयी कंपनियो के कंप्यूटर आने लगे जिससे apple कंपनी को बहुत ज्यादा घाटा हुआ| इस loss का जिम्मेदार Steve Jobs को ठहराया गया | जिस कारण बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टरो द्वारा Steve को इस्तीफा देने के लिया जोर दिया गया | 17 सितेम्बर सन 1985 को Steve Jobs ने अपनी ही कंपनी से इस्तीफा दे दिया | और वे इस कंपनी को छोड़ कर चले गये |

Next Computer 

एप्पल से निकल जाना के बाद Steve पूरी तरह से टूट गए थे उन्होंने सपनो में भी नहीं सोचा होगा की जिस कंपनी को उन्होंने खुद बनाया वही से उन्हें निकाल दिया गया है | यह समय Steve jobs के लिए बहुत ही संघर्ष भरा हुआ था| लेकिन अपने अटल प्रयास और एप्पल के निर्माण से प्राप्त ज्ञान के द्वारा स्टीव जॉब्स ने फिर से सुरुवात की |एप्पल से इस्तीफा देने के बाद Steve Jobs ने सन 1985 में $7 मिलियन रूपए खर्च कर एक नयी कंपनी Next स्थापित कर दी| इस कंपनी में ज्यादातर इन्वेस्ट अमेरिका के बहुत बड़े बिजनेसमैन Ross Perot ने किया | कुछ ही वर्ष में इन्होने अपना पहला computer workstation सन 1990 में निकाला| ये Next computer मार्किट में उपलब्ध एप्पल और लिसा के जैसा ही टेक्निकली एडवांस था| लेकिन इसकी कीमत ज्यादा होने के कारण ये मार्किट में अपना स्थान नहीं बना पाया और इससे next कंपनी को बहुत घाटा हुआ | लेकिन जल्द ही Steve jobs ने इस कंपनी को कंप्यूटर के स्थान पर ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी में बदल दिया | इससे कंपनी को बहुत ज्यादा फायदा हुआ|

Apple कंपनी में वापसी 

सन 1996 में एप्पल ने प्रेस कांफ्रेंस के समय घोषणा की वह next को खरीदने वाली है लेकिन यह deal फरवरी 1997 को पूरी हो पाई और इसी के साथ Steve jobs को CEO(chief executive officer) के रूप में कंपनी में पुनः रख लिया गया | इस समय एप्पल कंपनी बहुत ज्यादा नुकसान में चल रही थी | और यही समय था जब एप्पल जो एक नयी सोच की जरुरत थे जो कुछ अलग कर सके ताकि कंपनी अपनी सफलता को प्राप्त कर सके| steve jobs को एप्पल के संचालन को कमान दी गयी| और यही समय था जब apple ने अपने नये प्रोडक्ट Ipod को मार्किट में निकला इसी के साथ साथ कंपनी ने itunes music store को भी मार्किट में लांच किया | जल्द ही एप्पल के इन नये प्रोडक्ट्स ने अपनी मार्किट बना ली | जिससे apple फिर से दुनिया के सामने एक सफल कंपनी के रूप में उभर कर आई | सन 2007 में apple ने अपना नया product iPhone को लांच किया| जो एप्पल कंपनी के लिए ही नहीं बल्कि मोबाइल फ़ोन की दुनिया में भी एक नया ब्रांड बन कर उभर आया| आज भी एप्पल कंपनी को सबसे ज्यादा फायदा उसके iPhone प्रोडक्ट से ही होता है|

Steve Jobs का निधन(steve jobs death)

Steve Jobs का निधन pancreatic cancer(अग्राशय का कैंसर) के कारण 5 अक्टूबर सन 2011 को केलिफोर्निया के पालो अल्टो hospital में हुआ| इस बीमारी का पता उन्हे सन 2003 को लगा| सन 2004 को उनकी सर्जरी हुए जिसके द्वारा उनके ट्यूमर को उनके सरीर के निकल लिया गया| इसी बिमारी के कारण Steve का स्वास्थ्य सही नहीं रहता था |

इसी कारण सन 2009 में Steve का लीवर ट्रांसप्लांट किया गया| जनवरी सन 2011 में Steve ने apple में वापसी की| लेकिन कुछ महीनो बाद ही उनकी तबियत खराब होने के कारण Steve jobs ने 24अगस्त 2011 को एप्पल के CEO(chief executive officer) पद से इस्तीफा देने की घोषणा की | और एप्पल के बोर्ड ऑफ़ मेम्बेर्स को लिखित तौर पर इस्तीफा दे दिया| और उन्होंने अगले CEO के लिए टीम कुक का नाम suggest किया |

एप्पल कंपनी के co-founder Steve Jobs की ये रियल लाइफ स्टोरी हमे सिखाती है की व्यक्ति जितना ज्यादा परिश्रम करेगा उसे सफलता  भी उतनी ही  ज्यादा मात्रा में प्राप्त होगी “|

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