SAMAY FAMOUS HINDI POEM

 Time 

दोस्तो
आज मै आपके सामने एक कवि द्वारा लिखी गई कविता लाया हूॅ जो समय पर बनी है
उसमे समय की परिभाषा या समय का महत्व या समय का अर्थ या समय का ज्ञान के
बारे में उल्लेख है

*समय*
समय का महत्व समझो 
करो समय का गुणगान ।
समय पर हर काम हो तो
खुश रहता हर इन्सान ।
समय पर सूर्य न निकले
तो मच जाये हाहाकार ।
समय पर बादल न बरसे
तो ठप्प हो जाये बाज़ार ।
समय पर शिक्षा न पायी
तो जीवन भर पछताओगे ।
बड़े हो गये तो फिर बच्चों
कौन-सी पाठशाला जाओगे ।
समय पर रोज़गार न मिले
तो चिंतित होते मात-पिता ।
समय पर विवाह न हो तो 
जीवन लगता रीता – रीता ।
समय पर बच्चें न हो तो
गोली-दवा-झाड़-फूँक-मन्तर ।
समय ही तो करवाता है
दो बच्चों में छ: साल का अन्तर ।
समय पर धरा अन्न उपजाये 
समय पर दाना चुगे ‘परिंदा’ ।
समय पर मृत्यु है आती 
नियत समय तक  रहते जिंदा ।
परिचय :- राम शर्मा “परिंदा” (रामेश्वर शर्मा) पिता स्व. जगदीश शर्मा आपका मूल निवास ग्राम अछोदा पुनर्वास तहसील मनावर है। आपने एम.कॉम बी एड किया है वर्तमान में आप शिक्षक हैं आपके तीन काव्य संग्रह १-परिंदा, २- उड़ान, ३- पाठशाला
प्रकाशित हो चुके हैं और विभिन्न समाचार पत्रों में आपकी रचनाओं का
प्रकाशन होता रहता है, दूरदर्शन पर काव्य पाठ के साथ-साथ आप मंचीय कवि
सम्मेलन में संचालन भी करते हैं। 

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