म.प्र.की जलवायु मानसूनी जलवायु है।  MP GK important

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जलवायु के आधार पर म.प्र. को चार भागो में बाॅटा गया हे।

1.       उत्तर का मैदान- समुद्र से दूर होने के कारण यहाॅ पर गर्मी में अधिक गर्मी और ठण्ड में अधिक ठण्ड            पड़ती है।

2.       मालवा का पठार- यहा की जलवायु सम पायी जाती है। 

3.       विन्ध्य का पहाड़ प्रदेश- यहा की जलवायु सम पायी जाती है।

4.       नर्मदा की घाटीः- यह की जलवायु मानसूनी पाई जाती ै।

 

           म.प्र. की जलवायु के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारीः- MP GK important

 

1.       सूर्य की स्थिति में परिवर्तन होने से ताप और दाब में परिवर्तन होने से जलवायु में परिवर्तन आता            है। 

2.       21 जून को सूर्य कर्क रेखा पर लम्बवत् चमकता है। इस समय उत्तरी गोलार्द्ध पर ताप बढ़ जाता है।

3.       प्रदेश में वर्षा दक्षिणी-पष्चिमी मानसून से होती है।

4.        प्रदेश के रीवा-पन्ना के पठार में दक्षिण-पूर्वी मानसून से भी वर्षा होती है।

5.        प्रदेश में मध्य जून से सितम्बर तक वर्षा होती है।

6.        प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा पचमढ़ी में 199 सेमी और सबसे कम भिण्ड में 55 सेमी होती हे।

7.        प्रदेश का औसत वर्षा 112 सेमी होती है।

8.        प्रदेश का 75 सेमी से कम वर्षा का क्षेत्र पष्चिमी और 75 से अधिक वर्षा का क्षेत्र पूर्वी क्षेत्र   

           कहलात  है।

9.        प्रदेश में 22 दिसम्बर को सूर्य मकर रेखा पर होता हे। 

10.      प्रदेश में ऋतु संबंधी आकड़े एकत्रित करने वाली वैधषाला इन्दौर में है।

11.      प्रदेश का औसतन ताप 21 सेटीग्रेड आका है।

12.     सबसे कम तापमान षिवपुरी का मापा गया।

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