1. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के साहस और पराक्रम ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई शक्ति प्रदान की। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपने करिश्माई नेतृत्व से देश की युवाशक्ति को संगठित किया।

स्वतंत्रता आन्दोलन के ऐसे महानायक की 125वीं जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। 

2.आजाद हिन्द फौज के अपने वीर सिपाहियों के साथ भारत की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए नेताजी ने जीवनपर्यंत संघर्ष किया, अपार कष्ट सहे, लेकिन लक्ष्य से नहीं भटके।

उन्होंने जिस समर्थ, शिक्षित, समृद्ध भारत की कल्पना की थी, हम साकार करें; यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 

3.नेताजी की जयंती पर गुवाहाटी में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।सुभाष बाबू के अन्दर असीम साहस और अनूठी संकल्प शक्ति का अनंत प्रवाह विद्यमान था। उनके अद्भुत व्यक्तित्व और ओजस्वी वाणी ने लोगों के हृदय में स्वतंत्रता का ज्वार उत्पन्न किया। उनका जीवन देश के युवाओं के लिए एक आदर्श है। 

4.सम्पूर्ण राष्ट्र नेताजी के पराक्रम और अविरल संघर्ष के लिए सदैव ऋणी रहेगा। उनकी जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उन्हें एक अभूतपूर्व श्रद्धांजलि दी है।

समस्त देशवासियों को पराक्रम दिवस की शुभकामनाएं देता हू

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