जैसे के साथ वैसा कहानी Hindi Motivational Story

किसी ने मुझसे पूछा motivational story  पढ़ने से क्या होता है 
मेने जवाब दिया motivational story पढ़ने से  हमे दुसरो की गलतियों का पता चलता है ताकि हम गलती ना करे इसलिए ज्यादा से ज्यादा  motivational story  को पढ़िए

हम कई बार किसी की एक गलती पर माफ कर देते है लेकिन वह बार-बार वही गलती दौहराये तो हम माफ नही करते है। जबकि उसे सबक सिखाने के रास्ते खोजते है। उसी प्रकार मै आपके सामने बचपन में सुनी एक कहानी ले कर आया हूॅ। जो आपको बहुत पंसद आयेगी। 
hindi kahani jese ke sath vesha
एक जंगल में नदी किनारे एक ऊंट और एक कोल्या रहता था। वह दोनो आपस में मित्र थे।एक दिन कोल्या बोलता है मित्र हमनें इस पास के सारे फल खाये है लेकिन हमनें उस पार के तरबुज नही खाये है क्यो हम दोनो उस पार चले उस पार के तरबुज भी चक ले। उस पर ऊॅट बोलता है तुम्हारी इच्छा हो रही है तो चलो चलते हे।
ऊॅट, कोल्या को अपनी पीठ पर बैठा कर नदी पर करता है फिर दोनो खेत मै पहुॅच कर तरबूज तोड़-तोड़ कर खने लगे। कोल्या का पेट-पेट छोटा होने से जल्दी भर जाता है। परन्तु ऊॅट का पेट बड़ा होने के कारण जल्दी नही भरता है। 

कोल्या जौर-जौर से हुवा-हुवा करने लगा है इस पर ऊॅट कहता है मित्र मत चिल्लाओ वरना रखवाला आ जाएॅगा किन्तु कोल्या बोलता है मेरे पेट भर जाने पर मुझे चिल्लाने की आदत है। कोल्या की चिल्लाने की आवाज सुन कर रखवाला आज जाता है। 


कोल्या छोटा होने के कारण वह जल्दी से छुप जाता है किन्तु ऊॅट बड़ा होने से छुप नही पाता है, रखवाला ऊॅट को देखता है उसे डंडे से मार-मार कर भगा देता है। 
फिर वह दोनो वापस नदी पार आ जाते है। पहली बार-बार ऐसा होने से ऊंट, कोल्या को माफ कर देता है। 
कोल्या को खरबुजे अच्छे लगते है वह अगले दिन फिर ऊॅट को कहता है मित्र हम एक बार फिर उस पार खरबुजे खाने चले। इस पर ऊॅट कहता है नही तुम खाने के बाद चिल्लाते हो, तो कोल्या बोलता है मित्र इस बार मैं नही चिल्लाऊगा। मेरा यकिन करो।
तो ऊॅट मान जाता है और वह कोल्या को पीठ पर बैठा कर नदी पार खरबुज खाने के लिए चल देता है। 
दोनो खेत में खरबुजे खाते है फिर वही होता है कोल्या के पैठ भरने के कारण वह फिर से चिल्लाता है। ऊॅट उसे रोकता है मित्र तुमने वादा किया था मत चिल्लाओ लेकिन वह ऊॅट की सूनता नही और जोर-जोर से चिल्लाता है।
खेत का रखवाला वह आ जाता है कोल्या फिर छुप जाता है लेकिन ऊॅट नही छुप पाता, रखवाला बोलता है तुम फिर आ गये और उसे बहुत ज्यादा ड़डे मारता है और भगा देता है। फिर ऊॅट कोल्या का रास्ता खेत के बाहर देखता है। 
ऊॅट सोचता है आज तो इसको सबक सिखाना पड़ेगा। रखवाले के जाने के बाद कोल्या आता है। ऊॅट कहता है चलो ऊॅट कोल्या को अपने पीठ पर बैठा कर नदी में उतरता है और बीच नदी में आकर रूक जाता है तो कोल्या बोलता है तुम यहा क्यो रूख गये तो इस पर ऊॅट बोलता है कि मैने आज ज्याद खा लिया और ज्यादा खाने के बाद मुझे नहाने कि आदत है। 
कोल्या बोलता है तुम ऐसा मत करना नही तो मै नदी मैं बह जाऊगा। लेकिन ऊॅट उसकी नही सुनता और डुबकी लगा देते और कोल्या बह जाता है। 
इस प्रकार जो जैसा करता है उसके साथ वैसा ही होता है। 

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