Aamir Khan Birthday Interesting Facts; 3 Idiots Lagaan | Ghajini Marketing Strategy | पहली फिल्म हिट, फिर गलत फिल्में चुनीं: आमिर खान के 60 साल: शूटिंग के बाद घर में रोते थे, आज बन गए सिनेमा के जादूगर

Aamir Khan Birthday Interesting Facts; 3 Idiots Lagaan | Ghajini Marketing Strategy | पहली फिल्म हिट, फिर गलत फिल्में चुनीं: आमिर खान के 60 साल: शूटिंग के बाद घर में रोते थे, आज बन गए सिनेमा के जादूगर


15 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक
आमिर खान का जन्म 14 मार्च 1965 को प्रोड्यूसर ताहिर हुसैन और जीनत हुसैन के घर हुआ था। - Dainik Bhaskar

आमिर खान का जन्म 14 मार्च 1965 को प्रोड्यूसर ताहिर हुसैन और जीनत हुसैन के घर हुआ था।

सिनेमा के जादूगर कहे जाने वाले मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान आज 60 साल के हो गए हैं। एक्टर की बतौर हीरो पहली फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इस फिल्म के बाद आमिर खान को आइडिया नहीं था कि फिल्मों का चयन किस तरह से करना चाहिए। उस दौर में हर स्टार एक साथ 30-40 फिल्में साइन कर लेते थे।

आमिर खान ने भी उनकी देखा देखी 9-10 फिल्में साइन कर लीं। हर रोज 3 शिफ्ट में काम करने लगे, लेकिन उन फिल्मों की शूटिंग के दौरान उन्हें एहसास हो गया कि फिल्मों के चयन में उनसे गलती हो गई। वे शूटिंग से घर आकर रोते थे। उन्होंने अपनी गलतियों से सबक सीखा और फिल्मों के चयन में सावधानी बरतने लगे। आमिर खान न सिर्फ स्क्रिप्ट और अपने किरदार पर ध्यान देते हैं, बल्कि फिल्म को प्रमोट करने की अलग-अलग मार्केटिंग स्ट्रैटजी भी अपनाते हैं।

आज आमिर खान के जन्मदिन पर जानते हैं कि उनकी फिल्मों के किरदार की तैयारी और मार्केटिंग स्ट्रैटजी के बारे में..

फिल्म कयामत से कयामत तक, किरदार- राज, रिलीज डेट- 29 अप्रैल 1988

डायलॉग डिलीवरी पर बहुत ध्यान दिया

फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ हिंदी सिनेमा में एक मील का पत्थर थी, जिसने भारतीय सिनेमा की पूरी संवेदनशीलता को बदल दिया। आमिर ने अपनी पहली फिल्म में अभिनय क्षमता को बेहतर बनाने के लिए डायलॉग डिलीवरी पर विशेष ध्यान दिया था। आमिर ने अमिताभ बच्चन को डायलॉग रिहर्सल करते देखा और उनसे प्रेरणा ली थी।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- ऑटो रिक्शा के पीछे खुद पोस्टर चिपकाए

हर फिल्म के साथ आमिर खान ने अलग मार्केटिंग स्ट्रैटजी अपनाई है। जब बतौर हीरो उनकी पहली फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ रिलीज होने वाली थी, वो खुद ही उन दिनों ऑटो रिक्शा के पीछे पोस्टर चिपकाते दिखे थे। जिस पर लिखा था- ‘हू इज आमिर खान? आस्क द गर्ल नेक्स्ट डोर…’ इतना ही नहीं जब फिल्म रिलीज हुई तब एक और मार्केटिंग स्ट्रैटजी अपनाई थी कि आठ या अधिक टिकट खरीदने वाले को आमिर और जुही का मुफ्त पोस्टर मिलेगा।

फिल्म- लगान, किरदार- भुवन, रिलीज डेट- 15 जून 2001

अवधी भाषा सीखी और गांव के माहौल में रहे​​​

फिल्म ‘लगान’ के लिए आमिर खान ने क्रिकेट खेलने, अवधी भाषा सीखने और अपने किरदार के अनुरूप खुद को ढालने के लिए कड़ी मेहनत की थी। उन्होंने गांव के माहौल में रहने और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करने पर ध्यान केंद्रित किया था। आमिर ने सभी के लिए नियम बनाए थे कि शूटिंग के दौरान औरतों और शराब से सब दूर रहेंगे। सभी ने पूरी शूटिंग के दौरान इस नियम का पालन किया था।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- फिल्म के गेटअप में मॉल्स और सार्वजनिक जगहों पर पहुंचे

फिल्म ‘लगान’ के प्रमोशन में आमिर खान फिल्म के सभी मुख्य किरदारों के साथ फिल्म में अपनाए गए गेटअप में ही विभिन्न मॉल्स और सार्वजनिक जगहों पर पहुंचे थे। उसी गेटअप में ही क्रिकेट भी खेला था। इतना ही नहीं आमिर ने ‘लगान’ की रिलीज से पहले क्रिकेट की दुनिया के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर को फिल्म दिखाकर भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं।

फिल्म- तारे जमीन पर, किरदार- रामशंकर निकुंभ, रिलीज डेट- 21 दिसंबर 2007

बच्चों की समस्याओं को समझा

फिल्म ‘तारे जमीन पर’ में आमिर खान ने शिक्षक रामशंकर निकुंभ का किरदार निभाया था। यह फिल्म डिस्लेक्सिया (dyslexia) से जूझने वाले बच्चे की कहानी पर आधारित थी। आमिर खान ने किरदार की तैयारी के लिए बच्चे की सोच को समझने और उसके साथ सहज महसूस करने के लिए अलग-अलग तकनीकों का इस्तेमाल किया। जिसमें बच्चों के साथ सहज बातचीत और उनकी समस्याओं को समझना शामिल था। उन्होंने बच्चों के साथ काम करने के लिए कई अभ्यास किए, ताकि वे किरदार में पूरी तरह से ढल सकें।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- सोशल मीडिया का सहारा लिया गया

‘तारे जमीन पर’ आमिर खान ने खुद डायरेक्ट की थी। इस फिल्म की मार्केटिंग स्ट्रैटजी में आमिर खान ने फिल्म को बच्चों और शिक्षा के मुद्दे पर केंद्रित कर, दर्शकों में नकारात्मक नजरिए को दूर किया और साथ ही एजुकेशनल और पारिवारिक मूल्य को हाईलाइट किया था। फिल्म को प्रमोट करने के लिए सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल किया गया। फिल्म ने शिक्षा के महत्व और परिवार के बच्चों के साथ संबंध पर जोर दिया, जिससे माता-पिता और शिक्षकों का ध्यान आकर्षित हुआ था।

फिल्म- गजनी, किरदार- संजय सिंघानिया, रिलीज डेट- 25 दिसंबर 2008

8 पैक एब्स बनाए

फिल्म ‘गजनी’ में संजय सिंघानिया के किरदार के लिए आमिर खान ने कड़ी मेहनत की थी। उन्होंने संजय सिंघानिया की भूमिका के लिए खुद को तैयार करने के लिए एक साल तक अपने पर्सनल ट्रेनर के साथ कड़ी मेहनत की, जिसमें वे अपने निजी जिम में लगातार ट्रेनिंग लेते रहे। उन्होंने इस फिल्म के लिए 8 पैक एब्स बनाए थे, जो बहुत चर्चा में रहे थे।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- गजनी स्टाइल में लोगों के बाल काटे

आमिर खान शहर-शहर घूमकर गजनी स्टाइल में लोगों के बाल काटे। उन्होंने फिल्म की रिलीज से पहले तमाम गंजों की फौज के साथ अपनी फिल्म का प्रमोशन किया था। इतना ही नहीं मल्टीप्लेक्स में काम करने वाले कर्मचारियों के भी गजनी स्टाइल में बाल कटवा दिए थे। इससे पहले आमिर खान के बॉडी पर टैटू लगे पोस्टर देखकर दर्शक उत्साहित थे।

फिल्म-थ्री इडियट्स, किरदार- रणछोड़ दास छांछड़ और फुनसुक वांगडू, रिलीज डेट- 25 दिसम्बर 2009

लद्दाखी आविष्कारक वांगचुक से प्रेरणा ली

फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ के लिए आमिर खान ने पहले लद्दाखी आविष्कारक सोनम वांगचुक से प्रेरणा ली थी और उन्होंने शिक्षा से जुड़े विषयों पर फिल्म करने के लिए हमेशा खुद को तैयार रखा था। फिल्म में फुनसुक वांगडू का किरदार लद्दाखी आविष्कारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था, जो राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- भेष बदल कर घूमे

‘कयामत से कयामत तक’ के बाद आमिर ने रिक्शा पर ऐड चिपकाने वाली तकनीक फिल्म ‘थ्री इडियट्स’ के लिए दोबारा अपनाई थी। उन्होंने ऑटो रिक्शा पर पोस्टर चिपकाए थे, जिन पर लिखा था- थ्री इडियट्स। इसके अलावा अलग-अलग गेटअप में देश के अलग-अलग शहरों में घूमे। उनका गेटअप वाकई में इतना नया और बनावटी था कि कोई उन्हें पहचान ही नहीं पाया। वे गांव के स्कूलों में बच्चों के बीच चाय लेकर पहुंच गए थे। इतना ही नहीं, फिल्म का फर्स्ट शो सुबह 7 बजे रखा गया था, जिसमें आने वालों को टिकट्स के साथ फ्री चाय और बिस्किट दिए गए थे।

फिल्म- पीके, किरदार- पीके, रिलीज डेट- 19 दिसंबर 2014

दो साल तक भोजपुरी सीखी और आंखों की झपकने की प्रैक्टिस की

फिल्म ‘पीके’ के लिए आमिर खान ने टीवी स्टार शांति भूषण से दो साल तक भोजपुरी सीखी। लेंस पहनने के बाद आंखों की झपकने की प्रैक्टिस की और कई अजीबोगरीब लुक ट्राई किए, ताकि वह पीके के किरदार में पूरी तरह से ढल सकें। फिल्म की शूटिंग के दौरान आमिर खान को कई बार पान खाने पड़े, क्योंकि पीके के किरदार में वह भोजपुरी बोलते हुए पान चबाते हुए दिखते हैं।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- ट्वीट भी भोजपुरी में करने लगे थे

फिल्म ‘पीके’ के प्रमोशन के लिए भी आमिर ने खूब दौड़-भाग की थी। जब इस फिल्म के प्रमोशन के लिए आमिर वाराणसी पहुंचे थे, तब उन्होंने बनारस की गिलोरी पान का स्वाद चखा था। उन्होंने इस बात को जोर देकर कहा कि ‘पीके’ की शूटिंग के दौरान वह रोजाना 100 पान खाते थे और उन्हें बनारसी पान बेहद पसंद है। फिल्म में अपने डायलॉग भोजपुरी में बोलते-बोलते आमिर खान ट्वीट भी भोजपुरी में करने लगे थे। यह भी उनका प्रमोशनल फंडा ही था।

फिल्म- दंगल, किरदार- महावीर सिंह फोगाट, रिलीज डेट- 23 दिसम्बर 2016

वजन बढ़ाया फिर कम किया

फिल्म ‘दंगल’ के लिए ग्लैमरस लुक के बजाय आमिर खान रफ-टफ लुक में नजर आए थे। इस फिल्म में आमिर ने पहलवान महावीर सिंह फोगाट की भूमिका निभाई थी। इस किरदार के लिए आमिर को लुक के साथ अपनी बॉडी को भी एक अलग शेप देना था। इसके लिए पहले उन्होंने वजन बढ़ाया, फिर कड़ी मेहनत करके वजन कम किया था। इसके लिए वे पहाड़ चढ़े, साइकिलिंग की, जिम में पसीना बहाया और डाइट में बदलाव किया था।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- गीता फोगाट की शादी में पहुंचे

फिल्म ‘दंगल’ के प्रमोशन के दौरान आमिर जिस तरह से गीता फोगाट की शादी में लड़की पक्ष की ओर से पहुंचे थे, वो भी उनकी प्रमोशनल स्ट्रैटजी ही थी। इसके अलावा फिल्म के लिए अपना वजन बढ़ाने और घटाने का उन्होंने बाकायदा एक वीडियो बनवाया था, जो देखते ही देखते वायरल होने लगा था।

फिल्म-सीक्रेट सुपरस्टार, किरदार- शक्ति कुमार, रिलीज डेट- 19 अक्टूबर 2017

लुक पर काम किया

फिल्म ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ में आमिर खान ने एक संगीतकार शक्ति कुमार की भूमिका निभाई थी, जो एक लड़की को सुपरस्टार बनने में मदद करता है। इस भूमिका के लिए उन्होंने अपने लुक और व्यवहार में बदलाव किए थे। जिसमें टी-शर्ट से लेकर हेयरकट तक कई चीजें डिस्कस करके फाइनल की गई थीं।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- फिल्म को प्रमोट करने चीन गए

फिल्म ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ की पब्लिसिटी के लिए आमिर खान ने सोशल मीडिया का सहारा लिया था। फिल्म को प्रमोट करने चीन गए। जो चीनी बाजार में फिल्म को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हुआ था। फिल्म के ट्रेलर और गानों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह पर प्रचारित किया गया, जिससे लोगों में फिल्म के बारे में उत्सुकता पैदा हुई थी।

फिल्म- ठग्स ऑफ हिंदोस्तान, किरदार- फिरंगी मल्लाह, रिलीज डेट- 8 नवम्बर 2018

एक्शन की ट्रेनिंग माल्टा में ली

फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ के एक्शन दृश्यों के लिए आमिर खान ने यूरोपीय देश माल्टा में एक्शन का प्रशिक्षण लिया था। फिल्म के फ्रेम को खूबसूरत बनाने के लिए पानी के असली जहाजों का इस्तेमाल किया गया।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- गूगल मैप पर नजर आए

फिल्म ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ के प्रमोशन में आमिर खान ने गूगल के साथ मार्केटिंग स्ट्रैटजी बनाई थी। वे फिरंगी मल्लाह के किरदार में गूगल मैप पर सबको रास्ता बताते नजर आ रहे थे। जिसे लोगों ने खूब पसंद किया था।

फिल्म-लाल सिंह चड्डा, किरदार- लाल सिंह चड्ढा, रिलीज डेट- 11 अगस्त 2022

7-8 महीने तक पंजाबी भाषा सीखी

फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की कहानी सदी के आठवें दशक से शुरू होकर आज के माहौल को समेटती है। इस फिल्म में आमिर खान ने लाल सिंह चड्ढा का किरदार निभाया था। यह फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन इस फिल्म में आमिर के किरदार को काफी सराहा गया। इस फिल्म के लिए आमिर खान ने ग्वालियर के रहने वाले थिएटर आर्टिस्ट कुलविंदर बख्शीश से पंजाबी भाषा सीखी और 7-8 महीने तक भाषा पर काम किया, क्योंकि पंजाब के विभिन्न हिस्सों में भाषा बोलने के अलग-अलग तरीके हैं।

मार्केटिंग स्ट्रैटजी- रीमेक फिल्म का खुलासा

लाल सिंह चड्ढा’ की मार्केटिंग स्ट्रैटजी में पहले से ही स्पष्ट कर दिया गया था कि यह हॉलीवुड फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ का हिंदी रीमेक है। आमिर का मानना था कि इससे दर्शकों को फिल्म के पहले से पता चल जाएगा कि फिल्म कैसी है। आमिर खान को लेकर फिल्म की कहानी पर ध्यान केंद्रित किया गया था। फिल्म की कहानी लाल सिंह चड्ढा की जीवन यात्रा पर आधारित है, जिसमें युद्ध, प्रेम और जीवन की कठिनाइयों को दर्शाया गया था।

__________________________________________________________________________________

बॉलीवुड से जुड़ी ये स्टोरी भी पढ़ें..

अनुपम खेर @70: आमिर खान ने बताया था खराब एक्टर:डायरेक्टर से शिकायत की थी

अनुपम खेर मानते हैं कि अगर आज तक वो इंडस्ट्री में टिके हैं तो बी पी प्रधान के किरदार की वजह से। महेश भट्ट को अनुपम खेर अपना गुरु मानते हैं और हर मुलाकात में उन्हें गुरु दक्षिणा देते हैं। पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *